UP Prepaid Meter News: बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत! प्रीपेड से पोस्टपेड हुआ सिस्टम, जानिए पूरा अपडेट

UP Prepaid Meter News: उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर के विरोध के चलते आखिरकार यूपी सरकार ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से अभी समाप्त कर दिया है। सरकार ने कहा है कि प्रदेश में लगे 75 लाख बिजली के मीटर अब पोस्टपेड मोड पर ही काम करेंगे। सरकार की इस व्यवस्था के मुताबिक उपभोक्ताओं को हर माह की 10 तारीख को बिजली बिल उपलब्ध कराया जाएगा साथ ही भुगतान के लिए 15 दिनों का समय भी मिल पाएगा। यह भी महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत करा दें कि जिनके मीटर प्रीपेड किए गये थे, उन्हें सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इसकी घोषणा की है।

पोस्टपेड सिस्टम में क्या होगा बदलाव?

प्रीपेड से पोस्टपेड सिस्टम में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं के लिए कई चीजें आसान हो जाएंगी। पहले जहां हर बार बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज करना पड़ता था, अब महीने के अंत में उपयोग के अनुसार बिल आएगा। यह सिस्टम पारंपरिक बिजली बिलिंग जैसा ही होगा, जिससे लोगों को समझने और भुगतान करने में आसानी होगी। इसके अलावा, नए बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए भी अब प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं रहेगा। यानी उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड व्यवस्था में बिजली सेवा ले सकेंगे।

क्या देनी होगी सिक्योरिटी मनी?

पोस्टपेड मीटर लागू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी मनी देनी होगी? इसका जवाब है—हाँ। ऊर्जा विभाग के निर्देश के अनुसार, उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। लेकिन राहत की बात यह है कि यह राशि एक साथ नहीं ली जाएगी। इसे चार समान किस्तों में जमा कराया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं पर एक बार में आर्थिक बोझ न पड़े। पहले जब प्रीपेड मीटर लगाए गए थे, तब उपभोक्ताओं की जमा राशि वापस कर दी गई थी। अब पोस्टपेड सिस्टम में फिर से सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाएगा, लेकिन आसान किस्तों में।

कितने उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा?

प्रदेश में लगभग 75 लाख स्मार्ट मीटर पहले ही प्रीपेड मोड में बदले जा चुके थे या नए कनेक्शन के साथ लगाए गए थे। अब इन सभी को पोस्टपेड सिस्टम में परिवर्तित किया जाएगा। इसका सीधा फायदा लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा, जो लंबे समय से इस व्यवस्था से परेशान थे। अगर किसी उपभोक्ता को बिजली बिल नहीं मिलता है या बिल से जुड़ी कोई समस्या होती है, तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1912 जारी किया गया है।

इसके अलावा अलग-अलग डिस्कॉम के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं:

  • पूर्वांचल: 8010968292
  • मध्यांचल: 7669003409
  • पश्चिमांचल: 7859804803
  • दक्षिणांचल: 8010957826
  • केस्को: 8287835233

इन नंबरों पर कॉल करके उपभोक्ता अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।

उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा?

इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। बिजली कटने का डर भी कम होगा और बिल भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। साथ ही किस्तों में सिक्योरिटी मनी जमा करने की सुविधा से आर्थिक दबाव भी कम रहेगा। कुल मिलाकर, यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी।

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