Lalitpur LUCC Fraud Case: ललितपुर पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक के निर्देशन में जनपद में अपराधियों के विरूद्ध कड़ी मुहिम चलाई जा रही है, अपराधी अपराधिक घटनाओं को अंजाम तो दे देते हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह कितनी भी कोशिश क्यों ना कर लें लेकिन वह बच नहीं सकते हैं। इसी क्रम में जनपद में निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रूपए की ठगी करने वाले बड़े लक चिटफंड कंपनी के नेटवर्क का खुलासा किया है। थाना तालबेहट पुलिस ने मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है, यह पूरी कार्रवाई जनपद में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान का अहम हिस्सा है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई। पुलिस अधीक्षक ललितपुर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी तालबेहट के पर्यवेक्षण में गठित टीमों ने इस मामले में साक्ष्य जुटाने और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए काम किया। थाना तालबेहट में दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही थी, जिसे अब सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया है।
चिटफंड कंपनी के जरिए ठगी का खेल
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर “LUCC” नाम की चिटफंड कंपनी के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। इस दौरान निवेशकों को उनके पैसे पर दोगुना लाभ मिलने का झांसा दिया जाता था। लोगों का विश्वास जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज, जैसे FD और RD के कागजात भी उपलब्ध कराए जाते थे।
इतना ही नहीं, बड़े-बड़े होटलों में सेमिनार आयोजित किए जाते थे और कुछ लोगों को विदेश यात्रा का लालच भी दिया जाता था, ताकि कंपनी की विश्वसनीयता साबित की जा सके। इन तरीकों से भोले-भाले लोगों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपने जाल में फंसाया जाता था।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क का दायरा केवल एक जिले तक सीमित नहीं था। आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों जैसे जालौन, ललितपुर, झांसी, सागर, टीकमगढ़, अशोक नगर और विदिशा तक अपना नेटवर्क फैला रखा था। अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से लोगों से बड़ी रकम निवेश कराई गई, जिससे करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी और उसके साथी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे। इसके अलावा बैंक खातों को भी समय-समय पर बदल दिया जाता था, जिससे लेन-देन का पता लगाना मुश्किल हो जाए। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
आरोपी की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेन्द्र सिंह निरंजन (उम्र करीब 57 वर्ष) निवासी जालौन के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, धमकी और संगठित अपराध से जुड़े मामले शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में लिप्त था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच जारी है। साथ ही, निवेशकों से अपील की जा रही है कि वे आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि उन्हें न्याय दिलाया जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से दूर रहें और केवल अधिकृत व विश्वसनीय संस्थाओं में ही निवेश करें। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
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