lalitpur viral news: ललितपुर जनपद में अवैध खनन और खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खनिज विभाग की कार्रवाई और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अवैध खनन में इस्तेमाल होने के संदेह में एक डम्फर को रोकने की कोशिश के बाद करीब पांच घंटे तक उसका पीछा किया गया। इस दौरान डम्फर चालक वाहन लेकर अलग-अलग रास्तों से भागता रहा। अंत में कच्चे रास्ते पर डम्फर गड्ढे में फंस गया, जिसके बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद डम्फर को खनिज विभाग की टीम ने अपने कब्जे में लेकर बांसी पुलिस चौकी में खड़ा कराया। इसी दौरान डम्फर का मालिक कार से मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसने खनिज विभाग के इंस्पेक्टर की गाड़ी रोककर उनसे बहस की और कथित तौर पर धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
lalitpur viral news: डम्फर को रोकने की कोशिश से शुरू हुआ घटनाक्रम
खनिज इंस्पेक्टर के अनुसार, विभागीय टीम को एक डम्फर के अवैध खनन से जुड़े होने का संदेह था। इसी आधार पर टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, चालक ने वाहन रोकने के बजाय डम्फर को तेज रफ्तार में आगे बढ़ा दिया।
इसके बाद खनिज विभाग की टीम ने वाहन का पीछा शुरू किया। जानकारी के मुताबिक पीछा करने का यह सिलसिला लगभग 30 किलोमीटर तक चला। शुरुआत में डम्फर हाईवे पर दौड़ता रहा, लेकिन बाद में चालक वाहन को कच्चे और ग्रामीण रास्तों की ओर ले गया।
इंस्पेक्टर के मुताबिक, इस दौरान चालक लगातार वाहन को भगाता रहा और कई स्थानों पर रास्ता बदलता रहा। पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने डम्फर नहीं रोका।
करीब पांच घंटे तक चलता रहा पीछा
बताया जा रहा है कि डम्फर को पकड़ने के लिए विभागीय टीम को करीब पांच घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। वाहन के लगातार चलते रहने के कारण टीम को भी उसके पीछे अलग-अलग रास्तों से जाना पड़ा।
घटनाक्रम के दौरान डम्फर ग्राम तोरई फाटक की ओर पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी का पता चलने के बाद चालक ने वाहन को वापस मोड़ लिया और ग्राम हर्षपुर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर बढ़ गया।
कच्चा रास्ता होने के कारण वाहन की रफ्तार प्रभावित हुई। इसी दौरान डम्फर एक गड्ढे में फंस गया। वाहन के फंसने के बाद चालक ने मौके से निकलने का प्रयास किया, लेकिन जब डम्फर बाहर नहीं निकल सका तो वह उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद खनिज विभाग की टीम ने डम्फर को अपने कब्जे में ले लिया और उसे बांसी पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया।
मौके पर पहुंचा डम्फर मालिक
डम्फर के पुलिस चौकी पहुंचने के दौरान वाहन का मालिक भी कार से मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि डम्फर मालिक ने खनिज इंस्पेक्टर की गाड़ी के सामने अपनी कार लगाकर उन्हें रोक लिया और वाहन को लेकर बातचीत शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक व्यक्ति खनिज विभाग के अधिकारी से बातचीत और बहस करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दोनों के बीच तीखी बातचीत होती नजर आती है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
खनिज इंस्पेक्टर सुदीप कुमार का आरोप है कि डम्फर मालिक ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई और उनसे कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में बातचीत की।
20 हजार रुपये को लेकर भी लगाया आरोप
खनिज इंस्पेक्टर के अनुसार, बातचीत के दौरान डम्फर मालिक की ओर से कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग से संबंधित बात कही गई। इंस्पेक्टर का आरोप है कि रुपये नहीं देने की स्थिति में कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
हालांकि, इस संबंध में डम्फर मालिक का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित जांच या दोनों पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।
इंस्पेक्टर के मुताबिक, बातचीत के दौरान डम्फर मालिक ने सांसद और विधायक से शिकायत करने की बात भी कही। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
दोनों पक्षों ने बनाए वीडियो
घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे की गतिविधियों का वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई है। बाद में इन्हीं में से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी चालान की बात
खनिज इंस्पेक्टर ने बताया कि संबंधित डम्फर के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। उनके अनुसार वाहन के संबंध में अवैध मोरम खनन से जुड़े आरोपों में पहले दो बार चालान किए जा चुके हैं।
इंस्पेक्टर का कहना है कि इसी पृष्ठभूमि में डम्फर को रोककर जांच करने का प्रयास किया गया था। लेकिन वाहन चालक द्वारा डम्फर को लेकर मौके से निकल जाने के बाद उसका पीछा करना पड़ा।
करीब 30 किलोमीटर तक पीछा करने और कई रास्तों से गुजरने के बाद वाहन हर्षपुर के कच्चे रास्ते पर पहुंचा, जहां वह गड्ढे में फंस गया। चालक के मौके से चले जाने के बाद विभागीय टीम ने वाहन को अपने कब्जे में लिया।
बांसी पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया डम्फर
खनिज विभाग की टीम द्वारा डम्फर को कब्जे में लेने के बाद उसे बांसी पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया गया है। अब वाहन से संबंधित दस्तावेज, खनिज परिवहन और कथित अवैध खनन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
विभागीय कार्रवाई में वाहन के दस्तावेज, खनिज परिवहन की अनुमति और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वायरल वीडियो के बाद मामला सुर्खियों में
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में खनिज विभाग के अधिकारी और डम्फर मालिक के बीच हुई कथित बहस को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मामले का एक पक्ष खनिज विभाग के इंस्पेक्टर की ओर से सामने आया है, जबकि डम्फर मालिक का विस्तृत पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल खनिज विभाग द्वारा डम्फर को कब्जे में लेकर पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया है। संबंधित वाहन और प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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